Pm Awas Yojana–ग्रामीण (PMAY-G) 1 अप्रैल 2016 से ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा चलाया जा रहा एक प्रमुख कार्यक्रम है जिसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के आवासहीन या कच्चे घरों में रहने वाले परिवारों को पक्के घर उपलब्ध कराना है। इस योजना के अंतर्गत न्यूनतम 25 वर्गमीटर क्षेत्रफल वाले घर बनाए जाते हैं।
अगस्त 2025 तक कुल 4.95 करोड़ घरों का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, जिनमें से 4.12 करोड़ घर राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों को आबंटित किए गए और 2.82 करोड़ से अधिक घर पूरे हो चुके हैं। लाभार्थियों की पहचान 2011 की सामाजिक-आर्थिक एवं जाति जनगणना (SECC) के मापदंडों और ग्राम सभा सत्यापन के आधार पर की जाती है। योजना में प्रत्येक घर के लिए मैदानी क्षेत्रों में ₹1.20 लाख और पहाड़ी/कठिन क्षेत्रों में ₹1.30 लाख का अनुदान मिलता है।
इसके अतिरिक्त लाभार्थी 3% ब्याज दर पर ₹70,000 तक का कम ब्याज ऋण भी ले सकते हैं। स्वच्छ भारत मिशन–ग्रामीण के माध्यम से शौचालय निर्माण पर ₹12,000 और मनरेगा के तहत 95 दिनों के मजदूरी रोजगार (प्रतिदिन ₹90.95) की भी सुविधा मिलती है। वित्तीय सहायता सीधे लाभार्थी के आधार-आधारित बैंक खाते में स्थानांतरित की जाती है। नीचे इस योजना के प्रमुख बिंदुओं, आवेदन प्रक्रिया और हालिया आंकड़ों का विवरण है।
योजना का उद्देश्य और परिचय

Pm Awas Yojana–ग्रामीण (PMAY-G) की शुरुआत 1 अप्रैल 2016 को हुई थी। इसका मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के उन परिवारों को पक्का आवास प्रदान करना है जो भूमिहीन हैं या जिनके घर कच्चे (मिट्टी/लकड़ी) हैं। यह योजना “सभी के लिए आवास” मिशन के तहत ग्रामीण आवास की कमी को दूर करने में सहायक है। योजना में बनाए जाने वाले घरों का न्यूनतम आकार 25 वर्गमीटर है, जिसमें एक समर्पित स्वच्छ खाना पकाने का क्षेत्र भी शामिल है। इन घरों में रसोई और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाएँ सुनिश्चित की जाती हैं।
लक्ष्य एवं विस्तार: शुरुआत में इस योजना का लक्षित गृह निर्माण वर्ष 2016-17 से 2023-24 तक कुल 2.95 करोड़ घरों का था। ग्रामीण आवास की निरंतर मांग को देखते हुए, केंद्र सरकार ने अतिरिक्त 2 करोड़ घरों का लक्ष्य निर्धारित करते हुए योजना को FY 2024-25 से 2028-29 तक बढ़ाया है, जिससे संचयी लक्ष्य बढ़कर 4.95 करोड़ हुआ।
पात्रता एवं प्राथमिकता
योजना का लाभ उन ग्रामीण परिवारों को मिलता है जो बेघर, कच्चे घरों (शून्य, एक या दो कमरे) में रह रहे हैं। पात्रता की पहचान SECC-2011 डेटा के ‘आवास अभाव’ मापदंडों के आधार पर की जाती है और ग्राम सभा द्वारा सत्यापित की जाती है। विशेष समावेशन मानदंड (जैसे आश्रय विहीन परिवार, आदिवासी, विधवा, आदि) वाले परिवारों को प्राथमिकता दी जाती है। योजना में अनुसूचित जाति/जनजाति के लिए कुल लक्ष्य का न्यूनतम 60% आरक्षित रहता है। विकलांगों के लिए अलग से 5% लक्ष्य निर्धारित है।
पात्रता की मुख्य बिंदु:
- आवेदक भारत का नागरिक और स्थायी ग्रामीण निवासी होना चाहिए।
- आवेदक या उसके परिवार के पास देश के किसी हिस्से में पहले से कोई पक्का घर नहीं होना चाहिए।
- परिवार के सभी सदस्य (पति, पत्नी, अविवाहित बच्चे) कम लागत वाले घरों (कम शयनकक्ष) में रहते हों।
- SECC सूची में घर न होने या कच्चे घर में रहने वाले परिवार।
अपराधिक रूप से करोड़पति, आयकरदाता, शासकीय कर्मचारी, वैध सवरेगाए मोटर वाहन/उपकरण वाले परिवार आदि अयोग्य हैं। सरकार द्वारा सेट किए गए 13 आयुष्मान मानदंडों में से किसी एक से ऊपर आने वाले परिवारों को योजना से बाहर रखा गया है।
प्रमुख लाभ एवं सुविधाएँ
- आर्थिक सहायता: मैदानी जिलों में प्रति यूनिट ₹1,20,000 तथा पहाड़ी/आईएपी जिलों (जैसे हिमालयी, उत्तर-पूर्व, जम्मू-कश्मीर) में ₹1,30,000 तक का अनुदान मिलता है। यह राशि तीन किस्तों में सीधे लाभार्थी के आधार-लिंक्ड बैंक खाते में ट्रांसफर की जाती है (प्रारंभिक गृह निर्माण के लिए स्थायी लाभ से जुड़े बैंक खाते में)।
- स्वच्छता और ऊर्जा: स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के माध्यम से प्रत्येक घर में शौचालय निर्माण के लिए अतिरिक्त ₹12,000 की सहायता मिलती है। उज्ज्वला योजना के तहत प्रत्येक लाभार्थी परिवार को एक एलपीजी कनेक्शन दिया जाता है। योजना के साथ समन्वयित अन्य सरकारी कार्यक्रमों (पाइप जल, बिजली, नवीकरणीय ऊर्जा आदि) से भी सुविधाएँ प्राप्त होती हैं।
- रोजगार और ऋण: मनरेगा से योजनामें लाभार्थी को 95 दिन का अनुदानित मजदूरी रोजगार (प्रति दिन ₹90.95) मिलता है, जिससे वह निर्माण में हाथ भी लगा सकता है। साथ ही यदि लाभार्थी चाहें तो 3% ब्याज दर पर ₹70,000 तक का ऋण भी ले सकते हैं, जिससे गृह निर्माण के लिए अतिरिक्त फंड उपलब्ध हो जाता है। कुल मिलाकर एक लाभार्थी को उच्चतम ₹2,00,000 तक का कुल सहयोग (अनुदान + ऋण) मिल सकता है।
सभी भुगतान प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT) के तहत लाभार्थी के बैंक खाते में ई-पेमेंट से किए जाते हैं, जिससे पारदर्शिता बनी रहती है। लाभार्थियों को स्थानीय सामग्रियों व प्रशिक्षित राजमिस्त्रियों की सहायता से गुणवत्तापूर्ण घर बनाने के लिए मार्गदर्शन और तकनीकी सहयोग भी दिया जाता है।
आवेदन प्रक्रिया (स्टेप-बाय-स्टेप)
इस योजना के तहत घर पाने के लिए निम्न चरण अपनाए जाते हैं:
- चरण 1: पात्रता जाँच: पहले निर्धारित SECC लिस्ट व ग्राम सभा सत्यापन के आधार पर आवेदकों को नामित किया जाता है। लाभार्थी संभावित सूची (Permanent Wait List) बनाई जाती है। इसके बाद Gram Sabha में सूची का सत्यापन होता है।
- चरण 2: आवेदन पंजीकरण: पात्र परिवार स्थानीय ग्राम पंचायत या ब्लॉक विकास कार्यालय में निर्धारित फॉर्म भरकर पंजीकरण करते हैं। कई राज्यों में इसके लिए Common Service Centre (CSC) या मोबाइल एप (PMAY-G Awaas Plus App) का भी उपयोग होता है। आवेदक को आधार-आधारित पंजीकरण और OTP सत्यापन करवाना होता है।
- चरण 3: बैंक खाते की जानकारी: आवेदन में लाभार्थी के बैंक खाते (या डाकघर) का विवरण भरना जरूरी होता है। यदि ऋण लेना हो तो ऋण की राशि भी दर्ज करनी होती है।
- चरण 4: अतिरिक्त जानकारियाँ: आवेदक को अपना मनरेगा जॉब कार्ड नंबर और स्वच्छ भारत मिशन से जुड़ा प्रोजेक्ट (SBM Toilet) नंबर भी देना होता है। ये जानकारी स्थानीय कार्यालय द्वारा सत्यापित की जाती है।
- चरण 5: स्वीकृति एवं निर्माण: ग्राम पंचायत/जिला अधिकारी द्वारा पात्रता और दस्तावेज़ सत्यापित करने के बाद मंजूरी होती है। स्वीकृति मिलने पर तय किस्त में अनुदान राशि खाते में ट्रांसफर की जाती है। उसके बाद लाभार्थी या संबंधित एजेंसी द्वारा घर का निर्माण शुरू होता है।
| चरण संख्या | प्रक्रिया |
|---|---|
| 1 | आवेदन जमा |
| 2 | पात्रता जाँच (ग्राम सभा) |
| 3 | लाभार्थी चयन एवं स्वीकृति |
| 4 | धनराशि हस्तांतरण (बैंक खाते में) |
| 5 | निर्माण कार्य |
| 6 | गुणवत्ता निरीक्षण व पूर्णता |
| 7 | घर आबंटन एवं प्राप्ति |
आवश्यक दस्तावेज़
आवेदन के समय निम्न दस्तावेज़ों की मूल या प्रमाणित प्रतिलिपि जमा करनी होती है:
- आधार कार्ड: आवेदक व परिवार के सदस्य (यदि उपलब्ध हों) का आधार कार्ड।
- बैंक खाता विवरण: लाभार्थी के आधार से लिंक्ड बैंक खाते की पासबुक या चेक की कापी।
- मनरेगा जॉब कार्ड: यदि लाभार्थी मनरेगा के पंजीकृत श्रमिक हैं, तो उनका जॉब कार्ड नंबर।
- स्वच्छ भारत मिशन (SBM) संख्या: पात्र घरों के लिए SBM शौचालयों का रजिस्ट्रेशन नंबर।
- भूमि/आवास के दस्तावेज: आवेदक के स्वामित्व में यदि जमीन है तो उसकी रजिस्ट्री; नहीं तो स्थानीय निर्वासित पात्रता प्रमाण (जैसे आवास अभाव का प्रमाणन)।
- अन्य परिचय प्रमाण: राशन कार्ड, जाति प्रमाण पत्र (यदि आरक्षित वर्ग), परिवार पहचान पत्र आदि।
इन दस्तावेजों से ग्राम पंचायत या जिला अधिकारी यह सुनिश्चित करते हैं कि लाभार्थी पात्र है। डॉक्यूमेंट सत्यापन के बाद ही आवेदन को स्वीकृति दी जाती है।
नवीनतम आंकड़े और प्रगति
सरकारी आंकड़ों के अनुसार अगस्त 2025 तक PMAY-G ने उल्लेखनीय प्रगति की है। अगस्त 2025 तक कुल 4.95 करोड़ घर बनाने का संचयी लक्ष्य रखा गया था, जिनमें से 4.12 करोड़ घर राज्यों/केन्द्रशासित प्रदेशों को आबंटित हुए और 2.82 करोड़ से अधिक घर पूरे हो चुके हैं। यानी लगभग 57% लक्ष्य अब तक पूरा हो चुका है। इस दौरान 2,68,480 भूमिहीन परिवारों को भी घर स्वीकृत किए गए और कुल 568 करोड़ व्यक्ति-दिवस रोजगार सृजित हुआ।
वित्तीय वर्ष 2016-17 से 2024-25 तक कुल 216.73 लाख घर स्वीकृत हुए, जिनमें से 176.47 लाख घर पूरे किए जा चुके हैं। इस योजना के अंतर्गत प्रत्येक वर्ष के बजट में आवंटन बढ़ाया गया है और त्यौहार-आज़ादी दिवस जैसी घटनाओं पर विशेष आवंटन किया जाता रहा है। उदाहरण के लिए, स्वतंत्रता दिवस 2023 पर उत्तर प्रदेश सरकार ने 102 शहर एवं ग्रामीण परियोजनाओं के लिए स्वीकृति जारी की थी।
इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि Pm Awas Yojana (ग्रामीण) ने ग्रामीण भारत में घर निर्माण को तेजी से आगे बढ़ाया है। सरकारी मॉनिटरिंग तंत्र (जैसे जियो-टैग्ड फोटो, आवास+ ऐप) के माध्यम से काम की गुणवत्ता पर भी निगरानी रखी जाती है।
PM Awas Yojana Application Form 2026 Overview
| विभाग | आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय |
| योजना का नाम | प्रधानमंत्री आवास योजना |
| शुरू की गई | भारत सरकार द्वारा |
| लाभार्थी | आर्थिक रूप से कमजोर एवं बेघर परिवार |
| आवेदन शुल्क | निःशुल्क |
| उद्देश्य | सभी के लिए पक्का आवास उपलब्ध कराना |
| सहायता राशि | ₹1,20,000/- |
| स्थिति | वर्तमान में संचालित |
| आवेदन मोड | ऑनलाइन/ऑफलाइन |
| Category | Sarkari Yojana |
| आधिकारिक वेबसाइट | https://pmaymis.gov.in/ |
PMAY लिस्ट 2026 कैसे चेक करें?

अगर आपने Pm Awas Yojana (PMAY) 2026 के तहत आवेदन किया है और यह जानना चाहते हैं कि आपका नाम लाभार्थी सूची में शामिल है या नहीं, तो इसे ऑनलाइन आसानी से चेक किया जा सकता है।
सबसे पहले PMAY की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं और वहां उपलब्ध लाभार्थी सूची (Beneficiary List) विकल्प को चुनें। इसके बाद अपना राज्य, जिला, ब्लॉक, ग्राम पंचायत या आवश्यक जानकारी दर्ज करें। यदि आपने आवेदन के समय रजिस्ट्रेशन नंबर प्राप्त किया था, तो उसकी सहायता से भी अपनी स्थिति जांच सकते हैं।
सूची में नाम आने पर आपको योजना के तहत मिलने वाली आवास सहायता से संबंधित जानकारी दिखाई देगी। जिन आवेदकों का चयन हो चुका है, उनके नाम, आवेदन संख्या और अन्य विवरण सूची में उपलब्ध होते हैं। यदि आपका नाम सूची में नहीं दिखता है, तो घबराने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि कई बार नई सूची चरणबद्ध तरीके से जारी की जाती है। आप समय-समय पर अपडेट की जांच करते रहें और अपने आवेदन की स्थिति भी देखते रहें।
इसके अलावा, अपने ग्राम पंचायत कार्यालय, नगर निकाय या संबंधित विभाग से संपर्क करके भी जानकारी प्राप्त की जा सकती है। PMAY योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद परिवारों को पक्का घर उपलब्ध कराना है, इसलिए पात्रता मानदंडों को पूरा करना आवश्यक होता है।
लाभार्थी सूची में नाम आने के बाद आगे की प्रक्रिया के लिए संबंधित अधिकारियों द्वारा संपर्क किया जा सकता है। इसलिए आवेदन के दौरान दी गई जानकारी और मोबाइल नंबर को सक्रिय रखना भी जरूरी है। PMAY लिस्ट 2026 चेक करने की प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन और सरल है, जिससे देशभर के आवेदक अपने घर बैठे योजना की नवीनतम लाभार्थी सूची और आवेदन की स्थिति आसानी से देख सकते हैं।
Pm Awas Yojana में अपना नाम कैसे चेक करें?
यदि आपने Pm Awas Yojana (PMAY) के लिए आवेदन किया है और अपना नाम लाभार्थी सूची में देखना चाहते हैं, तो इसकी जांच ऑनलाइन की जा सकती है। सबसे पहले PMAY की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं और Beneficiary List या Search Beneficiary विकल्प चुनें।
इसके बाद अपना रजिस्ट्रेशन नंबर, आधार नंबर या आवश्यक विवरण दर्ज करें। जानकारी सबमिट करते ही आपकी आवेदन स्थिति और लाभार्थी सूची में नाम दिखाई देगा। यदि आपका नाम सूची में शामिल है, तो आप योजना के तहत मिलने वाले लाभ के पात्र हैं। अधिक जानकारी के लिए स्थानीय पंचायत या संबंधित विभाग से भी संपर्क किया जा सकता है।
Pm Awas Yojana 2026 का फॉर्म कैसे भरे?
Pm Awas Yojana (PMAY) 2026 का फॉर्म भरने के लिए सबसे पहले योजना की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं और आवेदन विकल्प चुनें। इसके बाद अपना नाम, पता, आधार नंबर, मोबाइल नंबर, परिवार की आय और अन्य आवश्यक जानकारी सही-सही दर्ज करें। मांगे गए दस्तावेज़ जैसे आधार कार्ड, पहचान पत्र और आय प्रमाण पत्र अपलोड करें।
सभी जानकारी की जांच करने के बाद फॉर्म सबमिट कर दें और आवेदन संख्या सुरक्षित रखें। आवेदन जमा होने के बाद आप उसी संख्या की मदद से अपनी आवेदन स्थिति और लाभार्थी सूची में नाम आसानी से चेक कर सकते हैं।
निष्कर्ष
Pm Awas Yojana–ग्रामीण (PMAY-G) ग्रामीण भारत में गरीब परिवारों को पक्का घर उपलब्ध कराने की महत्वाकांक्षी योजना है। इस योजना के तहत घर बनवाने के लिए पात्रता मापदंड सख्त रखे गए हैं ताकि वाकई जरुरतमंद परिवार इसका लाभ उठा सकें। योजनानुसार अब तक लाखों परिवारों को घर मिल चुके हैं। गृह निर्माण के लिए पर्याप्त अनुदान, ऋण सुविधा और अन्य सहायताएँ उपलब्ध होने के साथ इस योजना से ग्रामीण परिवारों का जीवन स्तर सुधरने की आशा है। आगामी वर्षों में लक्ष्य पूरे हो जाने पर भारत सरकार ग्रामीण आवास के “सभी के लिए आवास” लक्ष्य को पूर्णतः हासिल कर सकेगी।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रश्न: Pm Awas Yojana–ग्रामीण का मुख्य उद्देश्य क्या है?
उत्तर: इस योजना का लक्ष्य ग्रामीण क्षेत्रों के आवासहीन और कच्चे घरों में रहने वाले परिवारों को बुनियादी सुविधाओं (जैसे रसोई, शौचालय) वाले पक्के घर उपलब्ध कराना है।
प्रश्न: इस योजना में कौन पात्र है?
उत्तर: योजना का लाभ उन ग्रामीण परिवारों को मिलता है जिनके घर कच्चे (0, 1 या 2 कमरे) हैं या जो पूरी तरह से बेघर हैं। पात्रता SECC-2011 डेटा के ‘आवास अभाव’ मानदंडों और ग्राम सभा सत्यापन के आधार पर तय होती है। अनुसूचित जाति/जनजाति और विकलांग परिवारों को अतिरिक्त प्राथमिकता दी जाती है।
प्रश्न: लाभार्थी को कितनी आर्थिक सहायता मिलती है?
उत्तर: मैदानी इलाकों में ₹1.20 लाख प्रति घर और पहाड़ी/कठिन इलाकों में ₹1.30 लाख तक अनुदान मिलता है। इसके अतिरिक्त लाभार्थी 3% ब्याज दर पर ₹70,000 तक का ऋण ले सकता है। मैनरेगा के तहत 95 दिनों का रोजगार (प्रतिदिन ₹90.95) और स्वच्छ भारत–ग्रामीण से शौचालय निर्माण हेतु ₹12,000 भी मिलता है।
प्रश्न: आवेदक को आवेदन के लिए कौन-कौन से दस्तावेज चाहिए?
उत्तर: आधार कार्ड, लाभार्थी के बैंक खाते की जानकारी, मनरेगा जॉब कार्ड और स्वच्छ भारत मिशन (SBM) से जुड़ी जानकारी अनिवार्य है। इसके अलावा पहचान, निवास और भूमि के दस्तावेज (जैसे राशन कार्ड, मतदाता आईडी, जमीन का रजिस्ट्री) देने होते हैं।
प्रश्न: आवेदन करने की प्रक्रिया क्या है?
उत्तर: आवेदक स्थानीय ग्राम पंचायत या Common Service Centre में जाकर अपना विवरण भरते हैं। मोबाइल ऐप (आवास+) या आधिकारिक पोर्टल पर भी ऑनलाइन पंजीकरण किया जा सकता है। आवेदन के बाद Gram Sabha में पात्रता जाँच होती है, फिर स्वीकृति मिलने पर अनुदान की किश्तें जारी होती हैं।
प्रश्न: इस योजना में उत्तर प्रदेश आदि राज्यों के लिए विशेष प्रावधान हैं?
उत्तर: प्रत्येक राज्य/केंद्रशासित प्रदेश को जिलेवार लक्ष्य बांटा जाता है। राज्यों में अनुसूचित जाति/जनजाति तथा अल्पसंख्यक आबादी के अनुपात के अनुसार लक्ष्य आवंटित होता है। उत्तर प्रदेश समेत सभी राज्यों में Gram Sabha सत्यापन के बाद ही परिवारों को स्वीकृति मिलती है।
प्रश्न: योजना का कौन सा विभाग लागू करता है?
उत्तर: पीएम आवास योजना–ग्रामीण को ग्रामीण विकास मंत्रालय (Government of India) कार्यान्वित करता है। राज्य स्तर पर ग्राम पंचायत, जिला तथा ब्लॉक योजना प्रबंधन इकाइयाँ (PMU) इस योजना को लागू और मॉनिटर करती हैं।
प्रश्न: अवसंरचना तैयार होने के बाद घर का आवंटन कैसे होता है?
उत्तर: निर्माण पूरा होने के बाद संबंधित अधिकारी घर का निरीक्षण कराते हैं। जांच-पड़ताल में कोई कमी न मिलने पर ग्राम पंचायत द्वारा गृह स्वीकृति पत्र (जिला/ब्लॉक स्तर से) तैयार होता है और लाभार्थी को गृह स्वीकृति एवं औधोगिक आबंटन पत्र मिल जाता है।
प्रश्न: क्या इस योजना में कोई आवेदन शुल्क है?
उत्तर: नहीं, पीएम आवास योजना–ग्रामीण के लिए आवेदन मुफ्त है। केवल ऑनलाइन या ऑफलाइन पंजीकरण के लिए दस्तावेज़ों का सत्यापन होता है, किसी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाता।