प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) देश के करोड़ों गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए “अपना पक्का घर” का सपना पूरा करने वाली सबसे बड़ी सरकारी योजना है। हर साल केंद्र सरकार इस योजना के लिए बजट में खास रकम तय करती है, ताकि गांव और शहर दोनों जगह लोगों को घर मिल सके। साल 2026 में इस योजना को लेकर कई बड़े अपडेट सामने आए हैं।
पीएम आवास योजना 2026 का बजट कितना है, इसे ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में कैसे बांटा गया है, और आम लोगों को इससे क्या फायदा मिलेगा।
पीएम आवास योजना क्या है?
प्रधानमंत्री आवास योजना साल 2015-16 में शुरू की गई थी, जिसका मुख्य मकसद है कि देश के हर परिवार के पास अपना पक्का घर हो — चाहे वह गांव में रहता हो या शहर में। इस योजना के दो मुख्य हिस्से हैं:
- पीएम आवास योजना ग्रामीण (PMAY-G) — गांवों में कच्चे मकानों की जगह पक्के घर बनवाने के लिए
- पीएम आवास योजना शहरी (PMAY-U) — शहरी इलाकों में किफायती आवास और होम लोन पर सब्सिडी देने के लिए
सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले सालों में “सभी के लिए आवास” का सपना साकार हो, जिसमें हर घर में बिजली, पानी, शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाएं भी शामिल हों।
पीएम आवास योजना 2026 का कुल बजट कितना है?
केंद्रीय बजट 2026-27 में आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय को कुल मिलाकर बड़ी रकम दी गई है। इस मंत्रालय के अंतर्गत ही पीएम आवास योजना, पीएम स्वनिधि जैसी कई योजनाएं आती हैं।
मुख्य आंकड़े एक नजर में:
| योजना/मद | बजट आवंटन (2026-27) |
|---|---|
| आवास और शहरी मामलों का मंत्रालय (कुल) | ₹85,522.39 करोड़ |
| PMAY शहरी (चरण I और चरण II मिलाकर) | ₹18,625 करोड़ |
| PMAY शहरी चरण I | ₹6,000 करोड़ |
| PMAY शहरी चरण II | ₹12,625.05 करोड़ |
| PMAY ग्रामीण (FY27 आवंटन) | ₹32,500 करोड़ |
| PMAY ग्रामीण (FY26 संशोधित अनुमान) | ₹3,332 करोड़ (कम किया गया) |
| पीएम स्वनिधि योजना | ₹900 करोड़ (पिछले साल से 57% ज्यादा) |
| शहरी 2.0 योजना (FY25-26 अनुमान) | ₹3,500 करोड़ |
यह आंकड़े दिखाते हैं कि सरकार ने ग्रामीण आवास पर सबसे ज्यादा जोर दिया है, जबकि शहरी योजनाओं के लिए भी स्थिर फंडिंग बनाए रखी गई है।
पीएम आवास योजना ग्रामीण का बजट
ग्रामीण आवास योजना को लेकर बजट 2026-27 में मिले-जुले संकेत देखने को मिले हैं:
- वित्त वर्ष 2025-26 के संशोधित अनुमान को घटाकर ₹3,332 करोड़ कर दिया गया है
- वहीं वित्त वर्ष 2026-27 के लिए ₹32,500 करोड़ का मजबूत आवंटन तय किया गया है
- 28 मई 2026 को केंद्र सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली किस्त के रूप में ₹10,021.42 करोड़ की मंजूरी दी
इस फंडिंग का मकसद है कि मार्च 2029 तक “सभी के लिए आवास” के लक्ष्य को पूरा किया जा सके। कई राज्यों में इस राशि से निर्माण कार्य को और तेज करने की योजना है।
ग्रामीण लाभार्थियों को कितना पैसा मिलता है?
पीएम आवास योजना ग्रामीण के तहत पात्र परिवार को घर बनाने के लिए आर्थिक मदद दी जाती है:
- सामान्य ग्रामीण क्षेत्रों में: करीब ₹1,20,000 की सहायता, जो तीन किस्तों (₹40,000-₹40,000-₹40,000 के आसपास) में दी जाती है
- पहाड़ी, दुर्गम और पूर्वोत्तर राज्यों में: निर्माण सामग्री और परिवहन खर्च ज्यादा होने के कारण यह राशि बढ़ाकर करीब ₹1,30,000 तक कर दी जाती है
यह पूरी रकम डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए सीधे लाभार्थी के आधार से लिंक बैंक खाते में भेजी जाती है, जिससे बिचौलियों की भूमिका खत्म हो जाती है और भ्रष्टाचार की गुंजाइश कम रहती है।
पीएम आवास योजना शहरी (PMAY-U) का बजट
शहरी आवास योजना को बजट में ₹18,625 करोड़ का आवंटन मिला है, जिसे दो चरणों में बांटा गया है — चरण I के लिए ₹6,000 करोड़ और चरण II के लिए ₹12,625.05 करोड़। योजना के तहत लाभार्थियों को होम लोन पर ₹6 लाख तक की राशि पर 6.50% तक ब्याज सब्सिडी दी जाती है, और होम लोन की शुरुआती ब्याज दर 7.25% प्रति वर्ष से शुरू होती है।
हालांकि, इस साल की नई “शहरी 2.0” योजना का उपयोग अभी धीमा रहा है:
- वित्त वर्ष 2024-25 में केवल ₹50 करोड़ ही खर्च हुए
- वित्त वर्ष 2025-26 के लिए ₹3,500 करोड़ का बजट अनुमान तय किया गया था
उद्योग जगत के जानकारों का कहना है कि शहरी फंडिंग बढ़ाना और नए रिस्क-गारंटी उपाय एक अच्छा कदम हैं, लेकिन बढ़ती प्रॉपर्टी कीमतों की वजह से घर अभी भी आम आदमी के लिए पूरी तरह किफायती नहीं हो पाए हैं। इसके लिए बेहतर और पारदर्शी डिजिटल लैंड रिकॉर्ड की जरूरत बताई गई है।
नई लिस्ट और पहली किस्त जारी
मार्च 2026 से सरकार ने पात्र लाभार्थियों के बैंक खातों में पहली किस्त भेजना शुरू कर दिया है। साथ ही नई लाभार्थी सूची भी जारी की जा चुकी है। इस बार कुछ खास बदलाव भी देखने को मिले हैं:
- भुगतान में पारदर्शिता के लिए DBT प्रणाली का इस्तेमाल
- पात्र लाभार्थियों को ₹10,000 तक का अतिरिक्त बोनस देने की सुविधा
- लिस्ट और स्टेटस को उमंग ऐप या योजना की आधिकारिक वेबसाइट से चेक किया जा सकता है
पात्रता के मुख्य नियम
पीएम आवास योजना का लाभ लेने के लिए कुछ जरूरी शर्तें पूरी करनी होती हैं:
- आवेदक भारत का स्थायी निवासी होना चाहिए
- परिवार के पास पहले से कोई पक्का घर नहीं होना चाहिए
- परिवार का नाम सामाजिक-आर्थिक और जाति जनगणना (SECC) डेटा में दर्ज होना चाहिए
- अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अल्पसंख्यक समुदाय और विधवा महिला मुखिया वाले परिवारों को विशेष प्राथमिकता दी जाती है
- लाभार्थी का बैंक खाता आधार से लिंक होना अनिवार्य है
लिस्ट में अपना नाम कैसे चेक करें?
अगर आपने पीएम आवास योजना के लिए आवेदन किया है, तो अपना नाम लिस्ट में इस तरह देख सकते हैं:
- ग्रामीण योजना के लिए https://pmay-urban.gov.in/ की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं
- अपना राज्य, जिला, ब्लॉक और पंचायत चुनें
- लिस्ट खुलने पर अपना नाम खोजें
- शहरी योजना के लाभार्थी pmaymis.gov.in पोर्टल या उमंग ऐप से भी स्टेटस चेक कर सकते हैं
पीएम आवास योजना 2026 के फायदे
- गरीब और बेघर परिवारों को सुरक्षित पक्का घर मिलता है
- घर के साथ बिजली, पानी, शौचालय और गैस कनेक्शन जैसी सुविधाएं भी जोड़ी जाती हैं
- पूरी प्रक्रिया DBT के जरिए पारदर्शी बनाई गई है
- मजदूरों और कमजोर वर्गों के लिए अलग से आर्थिक सहायता
- स्थानीय सामग्री और श्रम के इस्तेमाल से रोजगार के मौके भी बढ़ते हैं
FAQs
1. पीएम आवास योजना 2026 का कुल बजट कितना है? आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय को बजट 2026-27 में कुल ₹85,522.39 करोड़ मिले हैं, जिसमें ग्रामीण और शहरी दोनों योजनाएं शामिल हैं।
2. पीएम आवास योजना ग्रामीण के लिए कितना पैसा तय हुआ है? वित्त वर्ष 2026-27 के लिए ₹32,500 करोड़ का आवंटन रखा गया है, और मई 2026 में पहली किस्त के रूप में ₹10,021.42 करोड़ जारी भी किए जा चुके हैं।
3. पीएम आवास योजना शहरी को कितना बजट मिला है? शहरी योजना के दोनों चरणों को मिलाकर ₹18,625 करोड़ का बजट दिया गया है।
4. लाभार्थी को घर बनाने के लिए कितने पैसे मिलते हैं? सामान्य ग्रामीण क्षेत्रों में करीब ₹1,20,000 और पहाड़ी/दुर्गम इलाकों में करीब ₹1,30,000 तक की सहायता दी जाती है।
5. लिस्ट में नाम कैसे चेक करें? pmayg.nic.in (ग्रामीण) या pmaymis.gov.in (शहरी) वेबसाइट पर जाकर राज्य, जिला और पंचायत/शहर चुनकर लिस्ट देखी जा सकती है।
6. क्या शहरी और ग्रामीण दोनों योजनाओं का लाभ एक साथ मिल सकता है? नहीं, एक परिवार को इनमें से किसी एक योजना का ही लाभ मिलता है, यह इस बात पर निर्भर करता है कि परिवार गांव में रहता है या शहर में।
निष्कर्ष
पीएम आवास योजना 2026 का बजट इस बात का संकेत देता है कि सरकार गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों को पक्का घर देने की दिशा में लगातार गंभीर है। ग्रामीण क्षेत्र में ₹32,500 करोड़ का मजबूत आवंटन और शहरी क्षेत्र में ₹18,625 करोड़ की फंडिंग दिखाती है कि योजना का दायरा साल दर साल बढ़ रहा है।
हालांकि शहरी 2.0 योजना का उपयोग अभी धीमा है और प्रॉपर्टी की बढ़ती कीमतें एक चुनौती बनी हुई हैं, फिर भी DBT जैसी पारदर्शी व्यवस्था और नई लाभार्थी सूचियों के जरिए यह योजना लगातार जरूरतमंद परिवारों तक पहुंच रही है। अगर आपने भी इस योजना के लिए आवेदन किया है, तो समय-समय पर आधिकारिक वेबसाइट पर अपना स्टेटस जरूर चेक करते रहें।