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PM Awas Yojana New Update: पीएम आवास योजना में 2.13 लाख नए घर मंजूर, ऐसे चेक करें अपना नाम

पीएम आवास योजना न्यू अपडेट में केंद्र सरकार ने शहरी गरीब परिवारों के लिए बड़ी राहत दी है। प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0 के तहत 2.13 लाख से अधिक नए घरों को मंजूरी दी गई है। इस मंजूरी के बाद योजना के अंतर्गत कुल स्वीकृत घरों की संख्या 16.13 लाख से ज्यादा हो गई है।

यह फैसला 17 जून 2026 को नई दिल्ली में हुई केंद्रीय स्वीकृति एवं निगरानी समिति की बैठक में लिया गया। इनमें से लगभग 97 प्रतिशत घर महिलाओं के नाम पर या संयुक्त स्वामित्व में दिए गए हैं, जिससे महिलाओं को आर्थिक सुरक्षा मिल रही है। करीब 2.05 लाख घर महिलाओं को, 25 हजार घर वरिष्ठ नागरिकों को और बाकी अनुसूचित जाति, जनजाति व अन्य पिछड़े वर्गों को आवंटित किए गए हैं।

घर दो श्रेणियों में मंजूर हुए हैं—बेनिफिशियरी लेड कंस्ट्रक्शन में 1.89 लाख और अफोर्डेबल हाउसिंग इन पार्टनरशिप में 23 हजार से ज्यादा। सरकार प्रत्येक पात्र परिवार को 2.5 लाख रुपये तक की मदद दे रही है।

अपना नाम चेक करने के लिए pmaymis.gov.in वेबसाइट पर जाकर नाम, आधार या मोबाइल नंबर से सर्च कर सकते हैं। यह अपडेट शहरी भारत में पक्का घर दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

पीएम आवास योजना शहरी 2.0 क्या है?

प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी (पीएमएवाई-यू) 2015 में शुरू हुई थी। इसका मकसद शहरों में रहने वाले गरीब और कम आय वाले परिवारों को पक्का घर उपलब्ध कराना है। बाद में सीखों के आधार पर पीएमएवाई-यू 2.0 शुरू किया गया। यह योजना 1 सितंबर 2024 से लागू है।

इसमें अगले पांच साल में एक करोड़ अतिरिक्त शहरी परिवारों को घर देने का लक्ष्य है। लाभार्थी अपनी जमीन पर घर बना सकते हैं, परियोजना में घर खरीद सकते हैं या सस्ती किराए की व्यवस्था ले सकते हैं। सरकार 2.5 लाख रुपये तक की आर्थिक मदद देती है।

मुख्य बात यह है कि घर महिलाओं के नाम पर या संयुक्त नाम पर होने चाहिए। इससे महिलाओं की आर्थिक सुरक्षा बढ़ती है।

2.13 लाख नए घरों की मंजूरी का पूरा ब्यौरा

17 जून 2026 को नई दिल्ली में केंद्रीय स्वीकृति एवं निगरानी समिति (सीएसएमसी) की 7वीं बैठक हुई। इसमें आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय के सचिव की अध्यक्षता में 2.13 लाख से अधिक घर मंजूर किए गए।

ये घर 16 राज्यों में दिए गए हैं। इनमें आंध्र प्रदेश, असम, बिहार, छत्तीसगढ़, गुजरात, हरियाणा, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, मिजोरम, मेघालय, नागालैंड, ओडिशा, राजस्थान, तेलंगाना, त्रिपुरा और उत्तर प्रदेश शामिल हैं।

घर किस श्रेणी में मंजूर हुए?

  • बेनिफिशियरी लेड कंस्ट्रक्शन (बीएलसी): करीब 1.89 लाख घर। इसमें लाभार्थी अपनी जमीन पर खुद घर बनाते हैं और सरकार मदद करती है।
  • अफोर्डेबल हाउसिंग इन पार्टनरशिप (एएचपी): 23,602 घर। इसमें सरकारी-निजी साझेदारी से बने प्रोजेक्ट में सस्ते घर मिलते हैं।

महत्वपूर्ण आंकड़े:

  • महिलाओं को आवंटित: 2.05 लाख घर (विधवा, अकेली या अविवाहित महिलाएं शामिल)
  • ट्रांसजेंडर को: 22 घर
  • वरिष्ठ नागरिकों को: 25,035 घर
  • अनुसूचित जाति: 34,257 घर
  • अनुसूचित जनजाति: 22,516 घर
  • अन्य पिछड़ा वर्ग: 87,077 घर

कुल 16.13 लाख स्वीकृत घरों में से ज्यादातर बीएलसी श्रेणी के हैं। यह दिखाता है कि सरकार कमजोर वर्गों और महिलाओं को प्राथमिकता दे रही है।

पीएम आवास योजना में अपना नाम कैसे चेक करें?

बहुत से लोग जानना चाहते हैं कि उनका नाम लिस्ट में है या नहीं। घर बैठे आसानी से चेक कर सकते हैं। दो मुख्य तरीके हैं – शहरी और ग्रामीण।

शहरी क्षेत्र (पीएमएवाई-यू / 2.0) के लिए स्टेप बाय स्टेप तरीका

  1. आधिकारिक वेबसाइट pmaymis.gov.in पर जाएं।
  2. मेन्यू में Citizen Assessment या Search Beneficiary विकल्प चुनें।
  3. नाम, पिता का नाम, मोबाइल नंबर या आधार नंबर डालें।
  4. राज्य, जिला और शहर चुनें।
  5. कैप्चा भरकर सर्च करें।

अगर आपका आवेदन मंजूर है तो स्टेटस दिख जाएगा। Assessment ID हो तो उससे भी चेक कर सकते हैं।

ग्रामीण क्षेत्र (पीएमएवाई-जी) के लिए तरीका

  1. वेबसाइट pmayg.nic.in या pmayg.gov.in पर जाएं।
  2. Awaassoft टैब पर क्लिक करें और Report चुनें।
  3. Social Audit Reports में Beneficiary details for verification पर जाएं।
  4. राज्य, जिला, ब्लॉक और गांव चुनें।
  5. कैप्चा डालकर सबमिट करें।

गांव की पूरी लिस्ट आ जाएगी। अपना नाम खोजें। रजिस्ट्रेशन नंबर हो तो सीधे स्टेकहोल्डर्स सेक्शन से भी चेक कर सकते हैं।

टिप: मोबाइल पर कभी-कभी साइट धीमी चलती है। कंप्यूटर या अच्छे नेटवर्क पर कोशिश करें। नाम नहीं दिखे तो स्थानीय नगर निगम या पंचायत कार्यालय से संपर्क करें।

योजना से किसे मिलता है फायदा?

पात्रता के मुख्य नियम आसान हैं:

  • शहरी या ग्रामीण क्षेत्र में रहने वाले आर्थिक रूप से कमजोर परिवार
  • परिवार की सालाना आय तय सीमा के अंदर हो (ईडब्ल्यूएस, एलआईजी, एमआईजी श्रेणी)
  • पहले से पक्का घर न हो
  • महिलाओं के नाम पर या संयुक्त स्वामित्व प्राथमिकता
  • आधार कार्ड, आय प्रमाण, बैंक खाता और जमीन के दस्तावेज जरूरी

सरकार खास ध्यान एससी, एसटी, ओबीसी, दिव्यांग, वरिष्ठ नागरिक और अल्पसंख्यकों पर देती है।

योजना के फायदे एक नजर में

लाभ का प्रकारविवरणराशि/सुविधा
आर्थिक सहायताघर बनाने या खरीदने के लिए2.5 लाख रुपये तक
ब्याज सब्सिडीहोम लोन पर4% तक (अधिकतम 1.80 लाख)
महिला स्वामित्वघर महिला के नाम या संयुक्तप्राथमिकता
बीएलसीअपनी जमीन पर घरसरकारी मदद
एएचपीसाझेदारी प्रोजेक्ट में घरसस्ती कीमत
किराए के घरअफोर्डेबल रेंटलउपलब्ध

निर्माण और प्रगति की स्थिति

पीएमएवाई-यू और 2.0 मिलाकर कुल 1.27 करोड़ से ज्यादा घर मंजूर हो चुके हैं। इनमें से 1.20 करोड़ घरों का निर्माण शुरू हो गया है और 98 लाख से ज्यादा घर पूरे होकर लाभार्थियों को सौंपे जा चुके हैं।

पुरानी योजना का समय 30 सितंबर 2026 तक बढ़ाया गया है ताकि बाकी घर समय पर पूरे हो सकें। नई योजना तेजी से आगे बढ़ रही है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

प्रश्न 1: 2.13 लाख घर कब मंजूर हुए?
उत्तर: 17 जून 2026 को सीएसएमसी की बैठक में मंजूर हुए।

प्रश्न 2: क्या महिलाओं को ज्यादा फायदा मिल रहा है?
उत्तर: हां। नई मंजूरी में 97 प्रतिशत घर महिलाओं को आवंटित किए गए हैं।

प्रश्न 3: नाम चेक करने के लिए कौन सी साइट सही है?
उत्तर: शहरी के लिए pmaymis.gov.in और ग्रामीण के लिए pmayg.nic.in।

प्रश्न 4: घर बनाने में कितना समय लगता है?
उत्तर: मंजूरी के बाद निर्माण की प्रगति किस्तों के आधार पर होती है। आमतौर पर कुछ महीनों से एक-दो साल तक।

प्रश्न 5: अगर नाम लिस्ट में नहीं है तो क्या करें?
उत्तर: स्थानीय अधिकारी से संपर्क करें या दोबारा आवेदन की प्रक्रिया जानें। दस्तावेज सही होने चाहिए।

प्रश्न 6: क्या मध्य आय वर्ग भी फायदा ले सकता है?
उत्तर: हां। पीएमएवाई-यू 2.0 में एमआईजी श्रेणी भी शामिल है।

प्रश्न 7: पैसे कैसे मिलते हैं?
उत्तर: बैंक खाते में सीधे किस्तों में ट्रांसफर होते हैं। निर्माण की प्रगति पर निर्भर करता है।

निष्कर्ष

पीएम आवास योजना शहरी 2.0 में 2.13 लाख नए घरों की मंजूरी गरीब परिवारों के लिए बड़ी राहत है। महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों और कमजोर वर्गों को प्राथमिकता देकर सरकार समावेशी विकास की दिशा में आगे बढ़ रही है। कुल स्वीकृतियां 16.13 लाख पार कर चुकी हैं।

अगर आप पात्र हैं तो जल्द से जल्द आधिकारिक वेबसाइट पर अपना नाम चेक करें। सही दस्तावेज और समय पर आवेदन से सपने का पक्का घर आसानी से मिल सकता है। योजना लगातार अपडेट हो रही है, इसलिए नियमित रूप से जानकारी लेते रहें। पक्का घर सिर्फ छत नहीं, बल्कि परिवार की सुरक्षा और सम्मान का प्रतीक है।

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