New Awas Yojana

PMAY-G में घर बनाने के लिए कितनी सहायता मिलती है? पूरा विवरण 2026

प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) गरीब ग्रामीण परिवारों को पक्का मकान बनाने में मदद करने वाली सरकारी योजना है। 2026 में भी यह योजना जारी है। बहुत से लोग पूछते हैं कि इस योजना में घर बनाने के लिए कितनी सहायता मिलती है।

पीएम आवास योजना-ग्रामीण क्या है

यह योजना ग्रामीण इलाकों के उन परिवारों के लिए है जिनके पास पक्का घर नहीं है या घर कच्चा है। सरकार सीधे पैसे देती है ताकि परिवार अपना पक्का मकान बना सके। मकान कम से कम 25 वर्ग मीटर का होना चाहिए। इसमें रसोई का अलग जगह भी होना जरूरी है।

पैसा सीधे बैंक खाते में आता है। किसी दलाल की जरूरत नहीं।

PMAY-G में कितनी सहायता राशि मिलती है

सहायता राशि इलाके के हिसाब से अलग-अलग है।

मुख्य सहायता राशि:

  • मैदानी इलाकों में 1.20 लाख रुपये
  • पहाड़ी इलाके, पूर्वोत्तर राज्य, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में 1.30 लाख रुपये

यह राशि घर बनाने के लिए दी जाती है।

इसके अलावा और भी फायदे हैं:

  • शौचालय बनाने के लिए 12,000 रुपये (स्वच्छ भारत मिशन से)
  • मनरेगा के तहत 90 से 95 दिन की मजदूरी
  • जरूरत पड़ने पर 70,000 रुपये तक का सस्ता लोन (3 प्रतिशत ब्याज पर)

सबसे अच्छी बात – ये सभी फायदे एक साथ मिल सकते हैं। इससे घर बनाने का खर्च काफी कम हो जाता है।

सहायता राशि कैसे दी जाती है (किस्तों में)

पैसा एक साथ नहीं आता। तीन किस्तों में दिया जाता है। हर किस्त के लिए मकान की फोटो अपलोड करनी पड़ती है। फोटो जियो-टैग वाली होनी चाहिए।

आम तौर पर किस्तें इस तरह आती हैं:

  1. पहली किस्त – मंजूरी मिलने के बाद (नींव के लिए)
  2. दूसरी किस्त – लिंटल लेवल पूरा होने पर
  3. तीसरी किस्त – घर पूरा होने पर

किस्त की रकम राज्य के हिसाब से थोड़ी अलग हो सकती है, लेकिन कुल राशि ऊपर बताई गई रहती है।

केंद्र और राज्य का हिस्सा कैसे बंटता है

  • मैदानी राज्यों में – केंद्र 60 प्रतिशत, राज्य 40 प्रतिशत
  • पूर्वोत्तर और पहाड़ी राज्यों में – केंद्र 90 प्रतिशत, राज्य 10 प्रतिशत
  • कुछ केंद्र शासित प्रदेशों में – पूरा पैसा केंद्र देता है

इससे राज्य सरकारों पर बोझ कम रहता है।

सहायता राशि आसानी से समझने के लिए

इलाका का प्रकारसहायता राशिअतिरिक्त फायदे
मैदानी इलाके₹1.20 लाखशौचालय ₹12,000 + मनरेगा मजदूरी
पहाड़ी / पूर्वोत्तर / दुर्गम इलाके₹1.30 लाखशौचालय ₹12,000 + मनरेगा मजदूरी
वैकल्पिक लोन₹70,000 तकसस्ती ब्याज दर (लगभग 3%)

पैसा कैसे आता है

सीधे बैंक खाते में आता है। आधार और बैंक खाता लिंक होना जरूरी है। पीएफएमएस सिस्टम से पैसा ट्रांसफर होता है।

अगर किस्त अटक जाए तो ग्राम पंचायत या ब्लॉक ऑफिस में शिकायत कर सकते हैं। पोर्टल पर भी स्टेटस चेक कर सकते हैं।

कौन लोग इस सहायता के पात्र हैं

  • ग्रामीण परिवार
  • कच्चा घर या बिना घर वाले
  • SECC 2011 या नई Awaas+ सर्वे में शामिल
  • कुछ शर्तें पूरी करने वाले (जैसे ज्यादा जमीन या महंगी गाड़ी न हो)

महिलाओं के नाम पर घर बनाने को प्राथमिकता दी जाती है।

सहायता राशि के अलावा और क्या मिलता है

  • बिजली कनेक्शन
  • पानी का कनेक्शन (जल जीवन मिशन)
  • गैस कनेक्शन (उज्ज्वला योजना)
  • सोलर लाइट जैसी सुविधाएं

ये सब अलग-अलग योजनाओं से जुड़कर मिलते हैं। इससे पूरा घर सुविधाओं वाला बन जाता है।

2026 में क्या नया है

सरकार ने योजना को 2028-29 तक बढ़ाया है। दो करोड़ अतिरिक्त घर बनाने का लक्ष्य है। सहायता राशि पहले जैसी ही रखी गई है। कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है।

नए सर्वे (Awaas+) से और परिवारों को शामिल किया जा रहा है।

पैसा कब और कैसे चेक करें

  1. आधिकारिक वेबसाइट pmayg.dord.gov.in पर जाएं।
  2. Stakeholders में IAY/PMAYG Beneficiary चुनें।
  3. रजिस्ट्रेशन नंबर डालकर स्टेटस देखें।

गांव की पूरी लिस्ट भी देख सकते हैं।

ध्यान रखने वाली जरूरी बातें

  • फोटो सही समय पर अपलोड करें।
  • बैंक खाता सक्रिय रखें।
  • गलत जानकारी न दें।
  • किसी से पैसे लेकर काम न करवाएं।

सही जानकारी लेकर आप आसानी से फायदा उठा सकते हैं।

बार-बार पूछे जाने वाले सवाल

प्रश्न 1: मैदानी इलाके में कितना पैसा मिलता है?
जवाब: 1.20 लाख रुपये

प्रश्न 2: पहाड़ी इलाके में कितना मिलता है?
जवाब: 1.30 लाख रुपये

प्रश्न 3: शौचालय के लिए अलग पैसा मिलता है?
जवाब: हां, 12,000 रुपये

प्रश्न 4: पैसा कितनी किस्तों में आता है?
जवाब: आमतौर पर तीन किस्तों में।

प्रश्न 5: मनरेगा की मजदूरी भी मिलती है?
जवाब: हां, 90 से 95 दिन की मजदूरी।

प्रश्न 6: लोन भी ले सकते हैं?
जवाब: हां, 70,000 रुपये तक सस्ता लोन।

प्रश्न 7: पैसा सीधे खाते में आता है?
जवाब: हां, डीबीटी से सीधा बैंक खाते में।

प्रश्न 8: सहायता राशि बढ़ी है क्या 2026 में?
जवाब: नहीं, अभी वही पुरानी राशि है।

निष्कर्ष

PMAY-G में घर बनाने के लिए मैदानी इलाकों में 1.20 लाख रुपये और पहाड़ी इलाकों में 1.30 लाख रुपये की मदद मिलती है। इसके अलावा शौचालय, मजदूरी और सस्ता लोन भी उपलब्ध है। पैसा किस्तों में और सीधे बैंक खाते में आता है।

यह योजना गरीब परिवारों को पक्का घर देने के लिए बनी है। सही जानकारी लेकर और समय पर फोटो अपलोड करके आप आसानी से पूरा फायदा ले सकते हैं।

अगर आपका नाम लिस्ट में है तो नियमित स्टेटस चेक करते रहें। किसी भी समस्या पर ग्राम पंचायत या ब्लॉक ऑफिस से संपर्क करें। घर का सपना सच करने का यह अच्छा मौका है। सही तरीके से योजना का उपयोग करें और परिवार को सुरक्षित घर दें।

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